बीजिंग, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित एक मेडिकल स्कूल की जमकर आलोचना की गई। स्कूल की इमारत की छत पर कुछ कुत्ते मृत और अधमरी अवस्था में पाए गए।
सोमवार को मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पता चला है कि इन कुत्तों पर प्रयोग किया गया, जिसके बाद उन्हें स्कूल की छत पर फेंक दिया गया।
सोशल मीडिया पर 18 सेकेंड लंबी वीडियो को साझा किया गया, जिसमें शिआन मेडिकल यूनिवर्सिटी की छत पर पड़े कुत्तों के शवों पर कई चोटों के निशान देखे जा रहे हैं और साथ ही शवों के पास पड़े चिकित्सा उत्पादों के ढेर पड़े हैं, जिनसे खून बहते देखा जा रहा है।
इस वीडियो में देखा जा रहा है कि कुत्तों के मुह को बंद किया गया है और कुछ कुत्ते अब भी जीवित हैं।
शिआन आधारित पशु संरक्षण समूह के प्रमुख जियांग होंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया, “जब हम रविवार सुबह वहां गए, तो वीडियो में दर्शाए गए कुत्तों को छत से हटा दिया गया, लेकिन वहां तब भी 19 कुत्ते थे, जिन्हें पिंजरे में रखा गया था।”
जियांग ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने पशु संरक्षण संगठनों के कार्यकर्ताओं को बताया कि स्कूल ‘डॉग फार्म’ से कुछ कुत्तों को प्रयोग के लिए लाया था और छात्रों ने इन कुत्तों पर विभिन्न प्रकार की सर्जरी कर प्रयोग किए, जिसे वीडियो में दर्शाया गया है।
यूनिविर्सिटी के एक अध्यापक ने बताया कि संस्थान को वार्षिक तौर पर प्रयोग के लिए लगभग 200 कुत्तों की जरूरत पड़ती है, जो कि अन्य मेडिकल स्कूलों की संख्या में काफी कम है।
एक छात्र ने बताया कि कुत्तों को आमतौर पर दया हत्या से पहले विभिन्न प्रयोगों के लिए संज्ञाहरण के तहत रखा जाता है।
पशु परीक्षण नियम (2011) के अनुसार, संगठन और अन्य को इस तरह के परीक्षण के लिए स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है और पशुओं के साथ सावधानी के साथ व्यवहार करना जरूरी है।
परीक्षण के लिए पशुओं के रखने वाले फार्म को उससे संबंधित विभाग से स्वीकृति लेना और फार्म में रखे पशुओं की नियमित जांच करानी भी जरूरी है।
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