नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर हुए चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका पर 337 रनों से ऐतिहसिक जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन वह चौथी पारी में अफ्रीकी बल्लेबाजों की संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी की प्रशंसा करना भी नहीं भूले।
कोहली ने साथ ही अपनी टीम को भी मैच जीताऊ खेल के लिए बधाई दी।
दिल्ली टेस्ट के पांचवें दिन सोमवार को दक्षिण अफ्रीकी टीम चौथी पारी में मिले 481 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 143 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने रन अंतर से लिहाज से अपनी सबसे बड़ी (337 रनों से) जीत हासिल की।
मेहमानों ने दिग्गज बल्लेबाज अब्राहम डीविलियर्स, कप्तान हाशिम अमला और फाफ दू प्लेसिस के अनुभव के दम पर शानदार रक्षात्मक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और चौथी पारी में 143.1 ओवरों तक संघर्ष करत रहे।
अपने घरेलू मैदान पर पहली बार बतौर कप्तान खेले कोहली ने मैच के बाद कहा, “अफ्रीकी बल्लेबाजों ने जिस तरह बल्लेबाजी की वह हैरान करने वाली रही। इस तरह की रक्षात्मक बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन जिस तरह उन्होंने बल्लेबाजी की मैं उससे काफी प्रभावित हूं। मैं खुश हूं की हमारे गेंदबाज इस तरह के मुश्किल दौर से गुजरे जहां उनकी परीक्षा हुई। बावजूद इसके उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और टीम को जीत दिलाई।
उन्होंने आगे कहा, “हमारे गेंदबाज या क्षेत्ररक्षक किसी भी पल डरे हुए नहीं थे। हम जानते थे कि हमें कब मौके मिलेंगे। हमें सिर्फ यह सुनिश्चित करना था कि हम उन मौकों को भुनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।”
कोहली ने आगे कहा कि अफ्रीकी बल्लेबाजों की रक्षात्मक शैली ने भारतीय गेंदबाजों से दबाव हटाने में मदद की जिससे हमें क्षेत्ररक्षण जमाने में काफी मदद मिली।
उन्होंने कहा, “जिस तरह अफ्रीका ने बल्लेबाजी की उससे हमें अपने पार्ट टाइम गेंदबाजों का उपयोग करने का मौका मिला। उनकी रन न बनाने की रणनीति ने हमें मौका दिया की हम अपने मुख्य गेंदबाजों को आराम दे सकें और पार्ट टाइम गेंदबाजों से गेंदबाजी करवाएं।”
कोहली ने मेहमानों की रक्षात्मक शैली का बचाव किया और कहा, “उन्होंने वही किया जो उस समय करना चाहिए था।”
कोहली ने कहा, “यह उनकी टीम की रणनीति थी। दूसरी पारी में जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की उसे लोग देखना पसंद करते हैं। हमने दूसरी पारी में अच्छी गेंदबाजी की। अफ्रीका की रणनीति को सकारात्मक या नकारात्मक कहना सही नहीं होगा। जाहिर सी बात है उन्हें मैच बचाना था इसके लिए वह कुछ भी करें यह उनकी मर्जी।”
कोहली ने अपने कप्तानी करियर की शुरुआत आस्ट्रेलिया दौरे से की थी जहां उन्हें 2-0 से हार झेलनी पड़ी थी। लेकिन कोहली का कहना है कि टीम ने उस दौरे से काफी कुछ सीखा।
उन्होंने कहा, “हम आस्ट्रेलिया में जिस तरह से खेले उससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। हारने के बाद भी हमने बुहत कुछ सीखा। वहां मिली हार एकतरफा नहीं थीं। हम हर समय जीत के करीब थे और किसी भी वक्त मैच जीत सकते थे।”
उन्होंने आगे कहा, “इससे हमें विश्वास हुआ कि हम अच्छा खेल सकते हैं और एक चैम्पियन टीम बन सकते हैं। और हमने इसी आत्मविश्वास को श्रीलंका में भी बनाए रखा। हमने कुछ रणनीतियां बनाई थीं जो टेस्ट मैच जीतने के लिए जरूरी थीं।”
कोहली ने कहा, “टेस्ट ऐसा प्रारूप है जहां हम सब अच्छा करना चाहते हैं। मैं जीत का श्रेय अपनी टीम को देना चाहूंगा उन्होंने दिखाया है कि मैच में वापसी कैसे की जाती है।”
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