नई दिल्ली, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)।केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने शुक्रवार को ‘भारत-लाओस : अंतर-सांस्कृतिक संबंध’ पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
यह सम्मेलन नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया है।
डॉ. शर्मा ने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत और लाओस सदियों से एक सांस्कृतिक विरासत साझा करते रहे हैं। लाओस बेहद शांतिपूर्ण देश रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के विस्तार में व्यापार का सबसे अहम योगदान रहा है। व्यापारिक समुदाय, जो कि ज्यादातर जैन थे, ने जैन धर्म प्रचलन में लाया और र्तीथकरों को पूजा।
शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की भव्य सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में विचार-विमर्श से लाओस और भारतीय संस्कृति के संबंधों पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।
संस्कृति मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत और विदेश से कई प्रसिद्ध विद्वान इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
यह भारत और लाओस के सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े निम्नलिखित पहलुओं को कवर करने के लिए आयोजित किया गया है।
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