यह शिविर दो दिनों तक चलेगा। पहले दिन इसका शुभारंभ जिलाधिकारी राजशेखर ने किया। जिलाधिकारी ने बच्चों के हौसले को सराहते हुए कहा स्कूलों में आपदाओं से निपटने के लिए बच्चों को इस प्रकार की ट्रेनिंग देना जरूरी है। इसे हर स्कूल में शुरू किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे किसी भी आपदा से खुद निपट सकें।
एलन हाउस में कक्षा चार में पढ़ने वाली पंक्ति ने कहा कि उसे कैम्प में जीवन रक्षा से संबंधित कई चीजें सीखने को मिली हैं। वहीं कक्षा आठ में पढ़ने वाले वर्चश्व सक्सेना ने कहा कि क्रोकोडाइल क्रॉल सीखकर मजा आया। यह टफ है, लेकिन जीवन की कठिन घड़ी में बच्चों के बहुत काम आएगा।
वहीं कक्षा सात में पढ़ने वाली नायसा सिंह ने कालेज की दीवार पर रैपलिंग करके पसीना बहाया। इस अवसर पर सैकड़ों बच्चे मौजूद रहे।
राजधानी के कई स्कूलों के बच्चों ने मिलकर 40 टेंट लगाए। कैम्प में कैम्पिंग, जुमारिंग, रैपलिंग, बर्मा ब्रिज, क्रोकोडाइिल क्रॉल, टॉक्सिकविर समेत कई तरह की क्रियाएं कराई जा रही हैं। साथ ही साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए बॉन फायर तथा नृत्य संगीत का भी आयोजन किया गया।
कैम्प दो भागों में कराया जा रहा है। पहले कैम्प में कक्षा 5 तक के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं तथा दूसरे में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
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