अमिताभ ने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के नियम 11(1) के तहत राज्य सरकार को 12 सितंबर को लिखे पत्र के माध्यम से अपने पिता, मां, ससुर, बाबा और चाचा द्वारा 15 अप्रैल से 10 सितंबर 2015 के बीच दिए गए 10.50 लाख रुपये के गिफ्ट के बारे में लिखित रूप से सूचना दी थी।
अब उन्हें गृह सचिव एस.के. रघुवंशी के हस्ताक्षर से कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा गया है कि उन्होंने नियमावली के नियम 11(1) में नहीं बल्कि नियम 11(2) में गिफ्ट लिए हैं, जहां उन्हें पूर्ण अनुमति लेनी चाहिए थी। इसलिए वह 15 दिनों में स्पष्ट करें कि उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए।
अमिताभ की सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने कहा कि यह कार्यवाही अखिलेश यादव सरकार की अतीव व्यग्रता का परिचायक है जो किसी भी तरह उनके पति को फंसाना चाहती है और स्वयं उनके परिवार के लोगों द्वारा दिए गिफ्ट की सूचना देने के बाद भी सरकार द्वारा बिना कोई कारण बताए उसे नियम 11(1) के तहत गिफ्ट न मानकर उन्हें दंडित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आईपीएस अमिताभ ठाकुर को मुलायम पर आरोप लगाने के बाद निलंबित कर दिया गया है और उनकी आय की जांच कराई जा रही है। अमिताभ और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर मंत्रियों के भ्रष्टाचार के मामले उठाते रहे हैं।
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