पीबीओसी द्वारा जारी एक रपट के मुताबिक, 2015 में देश की विकास दर 6.9 फीसदी रह सकती है।
रपट में जरूरत से अधिक क्षमता, लाभ में गिरावट और गैर निष्पादित परिसंपत्तियों में वृद्धि को प्रमुख चिंता बताई गई है। रियल एस्टेट बिक्री में वृद्धि, आर्थिक और संरचनात्मक नीतियों के प्रभाव में विलंब और दूसरे देशों में मांग में हुई थोड़ी वृद्धि को हालांकि रपट में उज्ज्वल पक्ष बताते हुए कहा गया है कि इससे विकास को बल मिलेगा।
पीबीओसी के मुताबिक, अगले साल उपभोक्ता महंगाई दर 1.7 फीसदी तथा चालू खाता आधिक्य जीडीपी का 2.8 फीसदी रह सकता है।
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