न्यूयार्क, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वाच ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान को मौत की सजा पर लगी रोक को तुरंत बहाल करना चाहिए और इसे खत्म करने की दिशा में बढ़ना चाहिए।
न्यूयार्क, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वाच ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान को मौत की सजा पर लगी रोक को तुरंत बहाल करना चाहिए और इसे खत्म करने की दिशा में बढ़ना चाहिए।
ह्यूमन राइट्स वाच ने एक अन्य मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ मिलकर इस सिलसिले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखा है।
पाकिस्तान में छह साल तक मौत की सजा पर रोक थी। 16 दिसंबर 2014 को पेशावर के स्कूल पर भयावह आतंकी हमले के बाद यह रोक हटा ली गई। इसके बाद से अब तक देश में 300 अपराधियों को फांसी दी जा चुकी है।
पत्र में कहा गया है कि जिन्हें फांसी पर लटकाया गया है, उनमें वे भी शामिल हैं, जो गलत मुकदमे का शिकार हुए। हाल ही में सैन्य अदालतों ने कुछ नागरिकों पर गुप्त रूप से मुकदमा चलाया है। ये मुकदमे नागरिक समाज की निगाहों से दूर रहते हैं। पाकिस्तानी सरकार ने मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाते हुए सैकड़ों को फांसी पर लटकाया है।
पत्र में कहा गया है, “इस बात की सख्त जरूरत है कि सरकार आतंकवाद और सामान्य अपराधों से निपटने का इससे (मौत की सजा से) बेहतर रास्ता तलाश करे। मौत की सजा इन चुनौतियों पर काबू पाने में नाकाम साबित हुई है।”
ह्यूमन राइट्स वाच का कहना है कि वह किसी भी मामले में किसी को मौत की सजा देने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि यह अंतर्निहित रूप से एक क्रूर सजा है।
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