गूगल 20 लाख एंड्रॉयड डेवलपरों को देगी प्रशिक्षण : पिचई (लीड-1)

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (आईएएनएस)। वैश्विक सर्च इंजन गूगल अगले तीन साल में 20 लाख नए एंड्रॉयड डेवलपरों को प्रशिक्षित करेगी। यह बात गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई ने यहां गुरुवार को कही।

पिचई तीन दिनों के दौरे पर भारत आए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते हुए पिचई ने कहा, “हम 30 विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर 20 लाख एंड्रॉयड डेवलपरों को प्रशिक्षण देंगे। यह काम तीन साल की अवधि में होगा।”

उन्होंने कहा, “कार्यबल में अधिक डेवलपर होने से कई चीजों का समाधान होगा।”

इसके बाद पिचई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने कहा ‘पिचई के साथ मुलाकात बहुत अच्छी’ रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “गूगल के सीईओ से मिलना शानदार रहा।”

पिचई बुधवार को घोषित सार्वजनिक वाई-फाई परियोजना के बारे में कहा कि उसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं।

पिचई ने बताया कि यह दुनिया की ऐसी सबसे बड़ी परियोजना है, जिसमें 400 रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई से लैस किया जाएगा।

श्रीराम कॉलेज में जब पिचई से पूछा गया कि गूगल ने खुद को कैसे प्रासंगिक रखा है तो उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हर चीज में तेजी से बदलाव आता रहता है। इसलिए हम हमेशा इस पर नजर रखते हैं कि अगला चरण क्या होगा। आपको हमेशा खुद में नवीन आविष्कार करते रहने होते हैं।”

पिचई ने बुधवार को संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भी मुलाकात की। पिचई से मुलाकात के बाद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि गूगल ने ग्रामीण इलाकों को इंटरनेट से जोड़ने वाली भारत सरकार की नई विकास परियोजना ‘लून’ के लिए भारत सरकार के साथ एक समझौता किया है।

प्रसाद ने कहा, “मैंने गूगल से इस प्रायोगिक परियोजा के लिए सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड से जुड़ने की पेशकश रखी।”

श्रीराम कॉलेज में छात्रों के साथ कुछ हल्के-फुल्के पल बिताते हुए पिचई ने कहा कि वह शुरू में क्रिकेटर बनना चाहते थे और अब वह स्पेनिश फुटबाल क्लब बार्सिलोना और इसके स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।

पिचई ने भारत के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को भी अपना पसंदीदा खिलाड़ी बताया और कहा, “मैं बहुत बड़ा क्रिकेट खिलाड़ी बनना चाहता था। मैं सुनील गावस्कर का बहुत बड़ा प्रशंसक था और बाद में सचिन तेंदुलकर को भी चाहने लगा। मैं हमेशा प्रौद्योगिकी से लगाव रखता था और सिलिकन वैली के बारे में नई-नई जानकारियां खोजता रहता था।”

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