नई दिल्ली, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस सदस्यों ने शुक्रवार को ‘सरकार की इच्छा के विरुद्ध’ सत्र बुलाने के मुद्दे पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल की बेदखली की मांग को लेकर राज्यसभा में हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पांचवें दिन भी बाधित रही।
सुबह में राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, “भारत के इतिहास में न तो राष्ट्रपति और न राज्यपाल ने कभी सरकार की इच्छा के विरुद्ध सत्र बुलाया है। यह देश में पहली बार हो रहा है और संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “ऐसे राज्यपाल को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें वापस भेज देना चाहिए।”
आजाद ने कहा कि सदन की कार्यवाही स्थगित करने और मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए एक नोटिस दिया गया है।
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के के. केशव राव और जनता दल (युनाइटेड) के के.सी. त्यागी ने कांग्रेस का समर्थन किया।
उप-सभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि इससे संबंधित प्रस्ताव सभापति एम. हामिद अंसारी के पास लंबित है और प्रस्ताव स्वीकार किए जाने पर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जा सकती है।
उपसभापति के इस जवाब से नाखुश कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
कुरियन ने सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश की और नारेबाजी के बीच कुछ सदस्यों ने अपने शून्यकाल का उल्लेख भी किया।
राज्यसभा में विरोध जारी रहा, जिसे देखते हुए कुरियन ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल में भी कमोबेश ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। सभापति अंसारी ने कुछ सवाल रखने का प्रयास किया, लेकिन सदस्यों की ओर से हंगामा जारी रहने की वजह से उन्होंने सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
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