मंत्रिमंडल के प्रवक्ता डॉ. रजीता सेनारत्ने ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सभी रद्द परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी, क्योंकि निवेशकों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।
सेनारत्ने ने कहा, “हम इन परियोजनाओं को बीच में बंद नहीं कर सकते और प्रधानमंत्री ने भी कभी इन्हें बंद करने की बात नहीं कही। परियोजनाओं की समीक्षा किए जाने की जरूरत है और ऐसा किया जा रहा है। एक बार सबकुछ व्यवस्थित हो जाने पर सभी परियोजनाओं को फिर शुरू किया जाएगा, क्योंकि सरकार पहले ही इन समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुकी है।”
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के नेतृत्व में श्रीलंका सरकार ने इस साल की शुरुआत में कुछ परियोजनाएं रद्द कर दी थी, जिसमें चीन द्वारा वित्तपोषित अरबों डॉलर की बंदरगाह परियोजना भी शामिल है।
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