इंदौर, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में पुलिस के विशेष संगठन लोकायुक्त के दल ने सहायक भू-अभिलेख अधिकारी वेद कुमार पांड्या को साढ़े तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कपिल बाहेती नाम व्यक्ति से खतरनाक हो चुके मकान की एनओसी देने के एवज मे पांड्या ने रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर से की। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर शिकायत के प्रमाणित होने पर यह कार्रवाई की है।
लोकायुक्त निरीक्षक आशा सेठकर ने आईएएनएस को बताया है कि रामचंद नगर में रहने वाले बाहेती का गोराकुंड इलाके में पुराना मकान है, जो जर्जर हो चुका है, बाहेती इसे तोड़कर नया मकान बनाना चाहते थे, इसके लिए राजस्व विभाग की मंजूरी आवश्यक होती है। इसके चलते बाहेती ने इंदौर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन राजस्व निरीक्षक पांड्या से एनओसी चाही, जिस पर पांड्या ने पांच हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे।
बाहेती डेढ़ हजार दे चुके थे, तभी पांड्या की पदोन्नति हो गई और वे सहायक भू अभिलेख अधिकारी के पद पर देवास पदस्थ हो गए।
सेठकर के अनुसार, तबादला हो जाने के बाद भी पांड्या ने बाहेती से शेष साढ़े तीन हजार रुपये मांगे। शुक्रवार की सुबह जब बाहेती रिश्वत की शेष रकम दे रहे थे, तभी लोकायुक्त के दल ने उन्हे गंगवाल बस स्टैंड के पास रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण दर्ज कर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
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