राज्यसभा की कार्यवाही डीडीसीए मुद्दे पर फिर बाधित (लीड-1)

नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को एक बार फिर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग उठाई, जिस वजह से सदन की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हुई।

यह अवरोध शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कई लंबित विधेयकों को पारित करने के लिए बनी सहमति के बावजूद उत्पन्न हुआ। राज्यसभा की कार्यवाही का पहला आधा हिस्सा नारेबाजी व प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया।

राज्यसभा सदस्यों के सुबह में सदन में किशोर न्याय विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति जताई थी। इसके तुरंत बाद विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने डीडीसीए का मुद्दा उठाया और इसमें जेटली की कथित संलिप्तता का उल्लेख किया।

उप-सभापति पी.जे. कुरियन ने आजाद की टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया।

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में अपनी कथिल संलिप्तता की वजह से विपक्ष के निशाने पर आए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वह किसी भी आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर संसद के बाहर उन पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ कानूनी मदद ली है।

जेटली ने कहा, “मुझे कोई परेशानी नहीं है। कुछ लोग संसद के बाहर आरोप लगाते हैं। मैंने कानून का सहारा लिया है। कृपया सारे दावों को छोड़ दीजिए और विपक्ष के नेता से मेरे खिलाफ किसी भी विषय पर चर्चा कराने के लिए कहिए। मैं तुरंत जवाब दूंगा।”

कांग्रेस सदस्य हालांकि जेटली के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे और उन्हें इंगित करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

इस पूरे हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि किशोर न्याय विधेयक पर चर्चा के लिए अनुपूरक कार्य सूची लाई जाएगी।

कुरियन के शून्यकाल शुरू कराने के लिए आगे बढ़ते ही कांग्रेस सदस्यों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी।

कांग्रेस सदस्यों ने सभापति की आसंदी के करीब जेटली के इस्तीफे की मांग की व नारे लिखी तख्तियां लेकर वहां एकत्र हो गए।

कुरियन ने सदन की कार्यवाही अपराह्न् 12 बजे तक के लिए स्थगित करने से पहले कहा, “केंद्रीय वित्त मंत्री का कहना है कि वह मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, इसके बावजूद नारेबाजी करना अनुचित व अस्वीकार्य है। यह सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण है।”

प्रश्नकाल के दौरान भी लगातार हंगामा होता रहा। इसे देखते हुए सभापति हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न् 12.30 बजे तक और फिर अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493