नई दिल्ली, 24 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को प्रगति मैदान में देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक वाहन मोहत्सव का उद्घाटन किया।
प्रगति मैदान में गुरुवार को शुरू हुआ इलेक्ट्रिक वाहन मोहत्सव रविवार तक चलेगा, जिसमें यात्रियों व माल परिवहन हेतु पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों, वाहन के कल-पुजरें, सेवाओं और इस क्षेत्र में हुई नवीनतम तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस अवसर पर गडकरी ने कहा, “सरकार नागरिकों को स्वच्छ वायु प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और सार्वजनिक परिवहन के लिए ईको-फ्रेंडली वाहन प्रस्तुत करने के लिए हम सभी संभव कदम उठाएंगे। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ई-वाहनों की सख्त जरूरत है।”
गडकरी ने कहा, “प्रदूषण को काबू करने की कोशिशों के तहत सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक पारित कर सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मोटर वाहन अधिनियम-1988 में शामिल कर लिया है।”
उल्लेखनीय है कि इस ई-एक्सपो में भारत और विदेशों की 100 से ज्यादा ई-वाहन कंपनियां भाग ले रही हैं, जिनमें चीन, जर्मनी, स्वीडन और जापान जैसे अग्रणी वैश्विक वाहन निर्माता देश शामिल हैं। चीन से सबसे अधिक 22 कंपनियां अपने ई-वाहनों का प्रदर्शन कर रही हैं।
ई-एक्स्पो में हिस्सा लेने वाली भारतीय कंपनियों में ऐल्टियस टेक्नोलॉजीस, सोनी इलेक्ट्रिक, लोहिया ऑटो, काइनेटिक, सारथी, विक्टरी इलेक्ट्रिक और हाइटेक शामिल हैं।
गडकरी ने कहा, “ई-एक्सपो सरकार के नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (एनइएमएमपी) के मुताबिक है, जिसका लक्ष्य 2020 तक 60-70 लाख इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड वाहनों को सड़कों पर लाना है, साथ ही टैक्नोलॉजी का स्वदेशीकरण करना है ताकि भारत ई-वाहनों के मामले में विश्व में अग्रणी स्थान हासिल करे।”
गडकरी ने बताया कि दीन दयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत ई-रिक्शा खरीदने के लिए निर्धन, पिछड़े व अल्पसंख्यक समुदायों को तीन प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से सस्ता कर्ज दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक रिक्शा उत्पादक संघ के संस्थापक सदस्य तथा ईवी-एक्सपो के आयोजक राजीव अरोड़ा ने कहा, “सरकार ई-रिक्शा व ई-कार्ट को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। ई-रिक्शॉ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन समाधान के रूप में सामने आया है, साथ ही यह यात्रियों के लिए ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक है और भारत को प्रदूषण मुक्त बनाने में मददगार साबित होगा।”
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