पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया है, “ढाका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में द्वितीय सचिव फरीना अरशद को बांग्लादेश का प्रशासन लगातार परेशान कर रहा था।”
बयान के मुताबिक, “पाकिस्तान सरकार ने यहां बांग्लादेश उच्चायुक्त को दो बार तलब किया और फरीना के साथ होने वाले दुर्व्यहार पर कड़ा विरोध जताया था।”
पाकिस्तानी राजनयिक पर बांग्लादेश में जासूसी के आरोपी एक संदिग्ध आतंकवादी को वित्तीय सहायता देने का आरोप लगा, जिसके बाद बांग्लादेश प्रशासन ने उन्हें देश छोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान सरकार ने वापस बुलाने का फैसला लिया।
पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधित संगठन जमायतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश के एक सदस्य इदरिश शेख ने अदालत में बताया कि उसके अरशद से संबंध हैं और उसे 30,000 टका (380 डॉलर) दिए गए।
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