रियो डी जनेरियो, 26 दिसम्बर (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के व्यापक आरोपों से घिरी फुटबाल की विश्व नियमाक संस्था फीफा के भ्रष्टाचार मामलों को देख रहे एक अभियोक्ता ने कहा है कि फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष युजेनियो फिगुएरेडो दशकों पुरानी उस रिश्वत योजना से जुड़े रहे हैं, जिसने दक्षिण अमेरिकी फुटबाल का ‘बेड़ा गर्क’ कर दिया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक फिगुएरेडो उन सात फीफा फुटबाल अधिकारियों में से हैं जिन्हें फीफा से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में इसी वर्ष मई में ज्यूरिख के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।
उरुग्वे के फिगुएरेडो को इसी सप्ताह प्रत्यर्पित कर उरुग्वे लाया गया, जहां उन पर जालसाजी और पैसों की हेरा-फेरी का मामला चलेगा। फिगुएरेडो ने खुद को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने को चुनौती दी है।
अभियोक्ता जुएन गोम्स का कहना है कि फिगुएरेडो ने जब से दक्षिण अमेरिका फुटबाल परिसंघ (कॉनमेबोल) के कार्यकारी अधिकारी का पद संभाला, वह तब से ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
गोम्स ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है, “अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने जितने भी अनुबंध किए वे सारे अनुबंध काले धन को वैध ठहराने के लिए किए गए, जिसे भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के बीच वितरित कर दिया गया। इसने दक्षिण अमेरिकी फुटबाल परिसंघ (कॉनमेबोल) को बर्बाद कर दिया और यह सब बिना किसी दंडात्मक कार्यवाही के दशकों तक चलता रहा।”
उन्होंने कहा, “इस योजना से कॉनमेबोल के अनेक सदस्य जुड़े रहे और इससे फिगुएरेडो को अकूत धन मिला। इन सबका उद्देश्य भ्रष्टाचार की व्यवस्था को बनाए रखना था।”
कॉनमेबोल के पिछले तीन अध्यक्षों के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग के नेतृत्व में जांच चल रहा है।
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