न्यूयार्क, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। एलईडी का प्रकाश केवल बिजली के बिल को ही कम नहीं करता है बल्कि ग्रीनहाउसों में फसलों के उत्पादन में भी किसानों के खर्चे को कम कर सकता है।
अध्ययन सुझाते हैं कि सूर्य के प्रकाश के साथ एलईडी का प्रकाश ग्रीनहाउस में तैयार होने वाली फसलों की गुणवत्ता को प्रभावित किए बगैर कम ऊर्जा में फसलों के उत्पादन में मददगार है। यह ग्रीनहाउस में फसलों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली तेज रोशनी और अधिक बिजली खर्च करने वाली सोडियम बल्बों का संभव विकल्प हो सकता है।
अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी के शोधार्थी ने बताया, “एलईडी प्रकाश का इस्तेमाल उच्च गुणवत्ता वाली विभिन्न फसलों का फाइटो केमिकल और रूप-रंग प्रभावित करने के लिए फायदेमंद है।”
वैज्ञानिकों ने बताया कि एलईडी की रोशनी में हालांकि फसल को पूरी गुणवत्ता के साथ पककर तैयार होने में अधिक समय लगा।
वैज्ञानिकों ने ग्रीनहाउसों में टमाटरों के उत्पादन में एलईडी के अनुपूरक प्रकाश से पड़ने वाले प्रभावों को जानने के लिए तीन अलग-अलग परीक्षण किए।
पहले परीक्षण में टमाटर के पौधों को सूर्य विकिरण ( नियंत्रित) में रखा गया। दूसरे परीक्षण में सूर्य विकिरण के साथ (सप्लीमेंट) सोडियम लैंप की रोशनी में रखा गया। तीसरे परीक्षण में इन्हें प्राकृतिक सौर ऊर्जा के साथ (सप्लीमेंट) एलईडी प्रकाश में रखा गया।
वैज्ञानिकों ने इन तीनों अवस्थाओं में पौधों की अम्लता, विद्युत चालकता समेत कई प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया।
शोधार्थी बताते हैं, “हमारी परिकल्पना के विपरीत एलईडी प्रकाश (सप्लीमेंट) में बढ़ने वाले टमाटर के गुणों में प्रत्यक्ष रूप से कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।”
इस अध्ययन में संवेदी (सेंसर) पैनलों को भी शामिल किया गया। जो टमाटर का आकार, रंग, अम्लता, स्वाद, मिठास आदि की गणना कर उन्हें स्थान दे सकें।
वैज्ञानिकों के अनुसार, अध्ययन से पता चला है कि दोनों प्रकार के अनुपूरक ( सप्लीमेंट) प्रकाश में टमाटर की गुणवत्ता में कोई प्रभाव नहीं पड़ा।”
सोडियम प्रकाश उर्जा की अधिक खपत करता है इसलिए वैज्ञानिकों का मत है कि एलईडी से उर्जा की खपत काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।
यह अध्ययन ‘हार्ट साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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