मप्र : नर्मदा पुनर्वास जांच आयोग के दफ्तर के लिए जुटाए चंदा

बडवानी, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के प्रभावितों के पुनर्वास में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.एस. झा के दफ्तर में सुविधाओं का टोटा है। दफ्तर की फोन सेवा और बिजली आपूर्ति बाधित है। सुविधाएं जुटाने के लिए बांध प्रभावित परिवारों ने चंदा कर पांच हजार रुपये का चेक जिलाधिकारी बड़वानी को सौंपा है।

ज्ञात हो कि नर्मदा बचाओ आंदोलन और प्रभावित परिवारों द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर पुनर्वास के नाम पर हुई गड़बड़ी और फर्जी रजिस्ट्री की जांच की मांग की गई थी। इस पर अदालत ने अगस्त 2008 में सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.एस. झा की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया। आयोग को अंतिम रिपोर्ट 31 दिसंबर, 2015 तक सौंपनी है।

नर्मदा बचाओ आंदोलन के देवराम कनेरा, मोहन लाल पाटीदार, मदन अलावे, कैलाश यादव और राहुल यादव ने सेामवार को एक बयान जारी कर बताया कि आयोग को सरकार की ओर से लगातार असहयोग किया जाता रहा है, इस संदर्भ में आयोग के अध्यक्ष की ओर से कई बार न्यायालय को अवगत कराया गया, जिस पर सरकार को कई बार फटकार लगी।

अब फिर असहयोग का दौर चल पड़ा है। आयोग के कार्यालय के सभी फोन कनेक्शन, बिजली देयकों व मकान किराये का भुगतान दो माह से नहीं किया गया है। साथ ही रिपोर्ट तैयार करने के लिए दस्तावेज भी नहीं उपलब्ध कराए गए हैं।

आयोग को सरकार की ओर से मिल रहे असहयोग के बीच नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोगों ने गांव-गांव घूमकर पांच हजार रुपये जुटाए, ताकि दफ्तर की सुविधाएं सुधारी जा सकें। आंदोलन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन के साथ पांच हजार रुपये का चेक सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपा।

आंदोलन के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की बात करते रहे हैं, मगर सच्चाई इससे अलग है। लिहाजा, मुख्यमंत्री को सच से रूबरू कराने के लिए ज्ञापन और पांच हजार रुपये का चेक दिया गया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493