गुवाहाटी, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने मंगलवार को आंकड़ों की मदद से यह साबित करने का प्रयास किया कि असम में महिलाओं की हालत कई अन्य राज्यों की तुलना में अच्छी है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को राज्य में महिलाओं पर जुल्म के मामले में कांग्रेस सरकार पर धावा बोला था।
गोगोई ने कहा कि 2014 में असम में महिला उत्पीड़न के 19139 मामले दर्ज किए गए। जबकि, इसी साल भाजपा शासित मध्य प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराध के दर्ज मामलों की संख्या 28678 रही। महाराष्ट्र में ऐसे 26690 मामले दर्ज किए गए।
नलबाड़ी में सोमवार को एक जनसभा में ईरानी ने कहा था कि असम में बीते 10 सालों में महिलाओं पर जुल्म के 75 हजार मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस शासित राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
गोगोई ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, “2014 में असम में 1036 महिलाओं ने खुदकुशी की। इसी साल मध्य प्रदेश में 3678, महाराष्ट्र में 4474 और गुजरात में 2672 महिलाओं ने खुदकुशी की।”
गोगोई ने कहा, “महिला शिक्षा के मामले में भी असम बेहतर है। राज्य में महिला साक्षरता दर 63 फीसदी है। मध्य प्रदेश में यह 52, गुजरात में 62 और राजस्थान में महज 45 फीसदी है।”
गोगोई ने कहा कि केंद्रीय मंत्री असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में महज राजनीति करने के लिए आ रहे हैं न कि विकास के लिए।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज असम आई थीं और उन्होंने कारोबारियों से मुलाकात की थी। विदेश मंत्री को भला गुवाहाटी के कारोबारियों से क्या काम हो सकता है।
उन्होंने कहा, “सुषमा को राज्य सरकार से मिल कर सीमापार घुसपैठ, म्यांमार में आतंकी गतिविधि, ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के बांध के मसले पर बात करनी चाहिए थी। लेकिन उनके पास हमसे मिलने का समय नहीं था।”
गोगोई ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी असम के लिए किसी भी नए शिक्षा पैकेज को देने में विफल रही हैं।
dharmpath.com dharmpath