न्यूयार्क, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। एक ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक अधिकांश अमेरिकियों का मानना है कि सरकार के लिए यह जरूरी हो सकता है कि आतंकवाद से लड़ाई में उसे नागरिक स्वतंत्रताओं का बलिदान करना पड़े।
द एसोसिएटेड प्रेस और शिकागो विश्वविद्यालय के एनओआरसी सेंटर फार पब्लिक अफेयर रिसर्च द्वारा कराए गए जनमत सर्वेक्षण में 54 फीसदी अमेरिकियों ने आतंक से लड़ाई में नागरिक स्वतंत्रताओं में कटौती को सही माना, जबकि 45 फीसदी ने इसे गलत करार दिया।
आधे से अधिक लोगों ने इस बात को सही माना कि संदिग्ध गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए अमेरिकी नागरिकों समेत किसी की भी इंटरनेट और संचार गतिविधियों की सरकार पूर्व जानकारी दिए बिना भी पड़ताल कर सकती है। इसे सही मानने वालों में रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े लोगों की संख्या डेमोक्रेट और अन्य के मुकाबले अधिक थी।
एपी-एनओआरसी सेंटर के निदेशक ट्रेवर थाम्पसन ने कहा, “पेरिस और कैलिफोर्निया के हमलों के बाद हमने पाया कि लोग आतंकवाद से निजी तौर पर प्रभावित होने के मामले में पहले से अधिक चिंतित महसूस कर रहे हैं। 2013 में 10 फीसदी लोग ऐसे थे जिन्होंने कहा था कि वे या उनके परिजन आतंकवाद की चपेट में आ सकते हैं। अब यही आंकड़ा बढ़कर 20 फीसदी हो गया है।”
सर्वे के मुताबिक केवल एक चौथाई अमेरिकी ही सुरक्षा के मुकाबले नागरिक अधिकारों को अधिक महत्व देते हैं। 10 में से तीन लोगों ने कहा कि दोनों ही जरूरी हैं।
देश में ही पनपे आतंकवादियों से निजी तौर पर खतरे के मामले में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों, समान रूप से चिंतित दिखे। लेकिन, इस्लामी आतंकवाद से देश में निजी स्तर पर होने वाले खतरे के मामले में डेमोक्रेट की तुलना में रिपब्लिकन अधिक चिंतित दिखे।
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