न्यूयार्क, 8 जनवरी (आईएएनएस)। एक नए शोध में पता चला है कि फिटनेस डीवीडी देखते हुए घर में व्यायाम करने का विचार अच्छा लग सकता है, लेकिन इसका काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
ऑरिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में किनेसियोलॉजी के प्रोफेसर ब्राड कार्डिनल ने कहा, “इस शोध के परिणामों से पता चला है कि इस तरह के वीडियो से व्यक्ति की सोच नकारात्मकर दिशा की ओर मुड़ सकती है और उनके प्रेरणा स्तर पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।”
फिटनेस के लिए मिलने वाली डीवीडी के अध्ययन से यह भी सामने आया है कि इस तरह की डीवीडी में इस्तेमाल होने वाली निराशाजनक भाषा से व्यायाम करने वालों पर पड़ने वाले प्रभाव का स्तर कम हो सकता है। इसके साथ ही ऐसा वीडियो देखने वाले व्यक्ति की आशा और क्षमता पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव मनोवैज्ञानिक क्षति का कारण बन सकता है।
इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने व्यायाम का प्रशिक्षण देने वाले 10 लोकप्रिय डीवीडी की समीक्षा की। इस तरह के डीवीडी में इस्तेमाल होने वाली भाषा और वीडियो का मूल्यांकन किया गया।
इस शोध का लक्ष्य इस तरह के डीवीडी में दिए जाने वाले संदेशों और वीडियो को बेहतर तरीके से समझना और उपयोगतकर्ताओं पर इनके प्रभाव का आकलन करना था।
कार्डिनल के अनुसार, इन फिटनेस डीवीडी का 25 करोड़ डॉलर का उद्योग है, लेकिन इनकी सुरक्षा से संबंधित कोई भी वैज्ञानिक सबूत नहीं है।
इस शोध के परिणामों के बाद सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया कि वह इस तरह के डीवीडी को खरीदते समय या इनका इस्तेमाल करते समय इससे पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के प्रति जागरूक रहें।
इस शोध के परिणाम ‘सोशियालॉजी ऑफ स्पोर्ट जरनल’ में प्रकाशित होने वाले हैं।
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