टोरंटो, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अगर आप अधिक समय तक जीना चाहते हैं, तो एक से अधिक बच्चों को जन्म देने में जरा भी न कतराएं, क्योंकि एक नए अध्ययन के मुताबिक किसी महिला द्वारा जन्म दिए गए बच्चों की संख्या उसकी उम्र को प्रभावित करती है।
शोध से प्राप्त निष्कर्षो के आधार पर वैज्ञानिकों ने अधिक बच्चे पैदा करने से जल्दी बुढ़ापा आने वाले सिद्धांत का खंडन किया है।
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि जो महिलाएं अधिक बच्चों को जन्म देती हैं, उनके टेलोमेयर्स लंबे होते हैं, जो कोशिकाओं की लंबी उम्र को दर्शाते हैं।
टेलोमेयर्स डीएनए के अंतिम सिरे में पाया जाता है और यह कोशिकाओं की उम्र को दर्शाता है।
यह टेलोमेयर कोशिका प्रतिरूप का अभिन्न अंग है, जो व्यक्ति की लंबी उम्र से संबंधित होते हैं।
इस शोध में 75 महिलाओं को शामिल किया गया था। इनके द्वारा जन्मे बच्चों की संख्या का आकलन उनके दो पड़ोसी स्वदेशी ग्रामीण ग्वाटेमाला समुदायों और टेलोमेयर लंबाई के आधार पर किया गया।
शोध के दौरान सभी प्रतिभागियों के टेलोमेयर की लंबाई, लार के नमूनों और माउथ (मुख) स्वैब की सहायता से दो बार मापी गई। माउथ स्वैब जबड़े की कोशिकाओं के अंदर से डीएनए को इकट्ठा करने की एक विधि है।
साइमन फ्रेसर यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य विज्ञान के प्रोफेसर पाब्लो नेपोमैंशी के अनुसार, “ये निष्कर्ष जीवन इतिहास के उन सिद्धांतों का खंडन करते हैं, जो यह बताते हैं कि बच्चों को जन्म देने की संख्या जैविक बुढ़ापे की गति को बढ़ाती है।”
उन्होंने बताया, “अधिक संतानों वाले प्रतिभागियों में छोटे टेलोमेयर की धीमी गति पाई गई थी, हालांकि इसके लिए एस्ट्रोजन हार्मोन की वृद्धि को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।”
पाब्लो ने कहा, “सामाजिक परिवेश भी प्रजनन के प्रयासों और उम्र बढ़ने की गति के बीच के संबंधों को प्रभावित कर सकता है।”
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