धीमी अर्थव्यवस्था के बीच कमजोर घरेलू मांग की वजह से सीपीआई दर में गिरावट जारी है और यह छह साल के निचले स्तर तक लुढ़क गई है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
राष्ट्रीय सांख्यिकीय ब्यूरो (एनबीएस) ने बयान जारी कर कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 2014 की तुलना में दो प्रतिशत घटा है, जबकि 2013 की तुलना में इसमें 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।
आकंड़ों के मुताबिक, सीपीआई महंगाई दर छह साल के निचले स्तर पर रही है और यह सरकार के 2015 के निर्धारित लक्ष्य से तीन प्रतिशत कम है। 2015 में खाद्य कीमतें 2.3 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि गैर खाद्य कीमतों में एक प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि, महीने के आधार पर दिसंबर में सीपीआई दर में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
एनबीएस के आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य कीमतों में इजाफे की वजह से 2014 की तुलना में सीपीआई दर में मामूली सुधार हुआ है। बारिश और बर्फबारी की वजह से उत्पादन बाधित हुआ है, जिससे सब्जियों और फलों की कीमतों में उछाल आया है।
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