एक्सचेंज ने शनिवार को एक परिपत्र जारी कर सीमा लगाने की घोषणा की है, जिसका मकसद बाजार में गिरावट के रुझान को रोकना है।
एसएसई ने सूचीबद्ध कंपनी में पांच फीसदी या इससे अधिक हिस्सेदारी रखने वालों पर यह सीमा लगाई है। इसके तहत ये शेयरधारक किसी भी तीन महीने में केंद्रीकृत बोली प्रणाली के जरिए एक फीसदी से अधिक बिकवाली नहीं कर सकते हैं।
गुरुवार को बाजार खुलने के आधे घंटे के अंदर सात फीसदी गिरावट के बाद सर्किट ब्रेकर द्वारा कारोबार को दिनभर के लिए बंद कर दिए जाने के बाद यह सीमा लगाने का फैसला किया गया है। सर्किट ब्रेकर प्रणाली एक जनवरी से लागू की गई है और तब से अब तक इसने दो बार बाजार को दिन भर के लिए बंद कर दिया है।
चाइना सिक्युरिटीज रेगुलेटरी कमिशन (सीएसआरसी) ने पिछले साल से ही जुर्माना के माध्यम से छोटी अवधि में बड़े पैमाने पर बिकवाली करने पर सख्त नियंत्रण लगा दिया है।
सीएसआरसी द्वारा शनिवार को जारी आदेश के मुताबिक, बड़े शेयरधारकों को बिकवाली करने से 15 दिन पहले शेयर बाजार में नियामकीय सूचना दाखिल कर अपनी योजना का खुलासा करना होगा।
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