देश के दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब जरूरी : पर्रिकर (लीड-2)

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना अड्डे पर हमले के नौ दिनों बाद रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को कहा कि जो भी देश को तकलीफ पहुंचाए, उसे उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।

हमले के बाद दुश्मनों के खिलाफ बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि दुश्मन को कब, कहां और कैसे जवाब देना है, यह फैसला भारत करेगा।

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर भारत को तकलीफ पहुंचाने वालों और संगठन का जिक्र किया।

पर्रिकर ने यहां मानेकशॉ केंद्र में सेना दिवस से पूर्व आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए देश के दुश्मनों के बारे में बात की और कहा, “दुश्मन को जब तक वैसी ही तकलीफ नहीं दी जाती, वह नुकसान पहुंचाता रहेगा। जब मेरे सैनिकों की मौत होती है तो मुझे तकलीफ होती है।”

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका विचार है, जिसे नरेंद्र मोदी सरकार के विचार के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, “दुश्मन को कब, कहां और कैसे जवाब देना है, यह आप पर है, लेकिन अगर कोई आपके देश को नुकसान पहुंचा रहा है, तो उस व्यक्ति या संगठन को उसी तरह की पीड़ा हर हाल में दी जानी चाहिए।”

संगोष्ठी ‘भविष्य के संदर्भ में सेना का स्वदेशीकरण’ विषय पर आयोजित थी।

पर्रिकर की यह टिप्पणी दो जनवरी को पठानकोट में भारतीय वायुसेना अड्डे पर हुए हमले के मद्देनजर आई है, जिसमें सुरक्षा बलों ने सभी छह आतंकवादियों को मार गिराया था।

माना जा रहा है कि हमला पाकिस्तान से आए आतंकियों ने किया था, जिसमें सात भारतीय सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

रक्षामंत्री ने कहा कि हमारे जवानों का उद्देश्य होना चाहिए कि वे दुश्मन को इस प्रकार खत्म करें, जिसमें हमारा कम से कम नुकसान हो।

उन्होंने कहा, “लक्ष्य जान देने का नहीं, दुश्मन की जान लेने का होना चाहिए। बलिदान सम्माननीय है, लेकिन देश की जरूरत है कि देश के दुश्मन को ऐसे खत्म करें जिसमें हमारा कम से कम नुकसान हो।”

भारत का कहना है कि पठानकोट हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान को पर्याप्त सबूत दिए गए हैं।

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