होंग ली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “दियाओयू द्वीप तथा इसके आसपास के द्वीप प्राचीन काल से ही चीन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। चीन राष्ट्रीय संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है।”
वार्ता व समझौते द्वारा समस्याओं के प्रबंधन व समाधान की इच्छा जताते हुए होंग ली ने कहा, “इस बीच, चीन किसी भी कीमत पर पूर्वी चीन सागर में तनाव देखना नहीं चाहता।”
चीन-जापान के संबंध ऐतिहासिक व क्षेत्रीय विवादों से तनावग्रस्त रहे हैं, खासकर दियाओयू द्वीप को लेकर। साल 2014 में चीन तथा जापान ने दियाओयू द्वीप पर अलग-अलग स्थिति को स्वीकार करते राजनीतिक, कूटनीतिक व सुरक्षा वार्ता को धीरे-धीरे फिर शुरू करने पर सहमति जताई।
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