विशाखापत्तनम, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश ने तीन दिवसीय सीआईआई साझेदारी सम्मेलन के दौरान विभिन्न कंपनियों से 4.67 लाख करोड़ रुपये के सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। सम्मेलन यहां मंगलवार को समाप्त हुआ।
राज्य सरकार ने 328 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस निवेश से करीब 10 लाख लोगों को नौकरी मिल सकती है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सम्मेलन को उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली। अगले साल भी यह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सर्वाधिक 115 एमओयू औद्योगिक क्षेत्र के रहे, जिनमें दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। दूसरे स्थान पर 1.45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव के साथ ऊर्जा क्षेत्र रहा।
अवसंरचना क्षेत्र में 43,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव तथा आवासीय क्षेत्र में 41,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हुए।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बाजार की प्रमुख कंपनियों के लिए कोई सीमा नहीं है, जो आंध्र प्रदेश में निवेश हेतु आगे आए हैं।”
उन्होंने कहा, “मैं नौ साल मुख्यमंत्री रहा और उसके बाद 10 साल विपक्ष में बैठा। अब फिर से मैं आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री हूं। मेरे अनुभव ने मुझे समावेशी विकास के लिए सभी मानकों में रुचि लेना सिखाया है।”
केंद्रीय रसायन एवं ऊर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने 600 करोड़ रुपये निवेश के साथ विशाखापत्तनम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्माश्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) की स्थापना की घोषणा की और राज्य सरकार से इसके लिए 100 एकड़ भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने प्रदेश में 20 हजार करोड़ रुपये निवेश से चिकित्सा उपकरण विनिर्माण पार्क स्थापित किए जाने की भी घोषणा की।
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