नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने मंगलवार को अपने जापानी समकक्ष मोतू हयाशी के साथ ऊर्जा क्षेत्र को लेकर बातचीत की।
बिजली मंत्रालय की ओर से यहां जारी एक बयान के अनुसार, पीयूष गोयल 12 जनवरी से 14 जनवरी, 2016 तक आयोजित आठवीं भारत-जापान ऊर्जा वार्ता में भाग लेने के लिए टोक्यो में हैं।
गोयल ने मंगलवार को अपने जापानी समकक्ष आर्थिक, व्यापार एवं उद्योग मंत्री मोतू हयाशी के साथ दोनों पक्षों के बीच वर्तमान द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की। इसके साथ ही दोनों पक्षों की ओर से एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया गया। दिसंबर, 2015 में प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सफल यात्रा के बाद यह भारत से जापान का प्रथम मंत्रिस्तरीय दौरा है।
गोयल ने अपने जापानी समकक्ष को वर्ष 2017 में होने वाली नौवीं ऊर्जा वार्ता के लिए पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर भारत यात्रा का न्योता दिया।
गोयल के साथ भारत से एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी जापान गया हुआ है, जिनमें 30 से भी ज्यादा भारतीय व्यावसायिक उद्यमों और सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों के प्रतिनिधि हैं।
गोयल के साथ एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी जापान गया हुआ है। पीयूष गोयल की अगवानी ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी इकोनॉमिक्स, जापान (आईईईजे)’ के सीईओ मासाकाजू तोयोदा ने की।
गोयल ने आठवीं भारत-जापान ऊर्जा वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, “इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की जो अपार संभावनाएं हैं, वे टिकाऊ ऊर्जा विकास एवं हमारे देश की जनता के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिहाज से काफी सकारात्मक हैं। ऊर्जा दक्षता वाले उपायों के उपयोग के साथ ही भारत में ऊर्जा के स्वच्छ एवं नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा दिया जाना इस दिशा में एक अहम कदम है और इसकी झलक द्विपक्षीय ऊर्जा वार्ता के व्यापक दायरे एवं एजेंडे में साफ नजर आती है।”
उन्होंने कहा, “भारत जीवाश्म ईंधनों पर अपनी निर्भरता समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
गोयल अपनी यात्रा के दौरान जापानी नेतृत्व के साथ बैठक करने के अलावा जापानी उद्योग जगत की हस्तियों के साथ भी संवाद करेंगे। वह ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी इकोनॉमिक्स, जापान (आईईईजे)’ में होने वाली एक गोलमेज संगोष्ठी में भी भाग लेंगे।
dharmpath.com dharmpath