सबरीमाला, 15 जनवरी (आईएएनएस)। सबरीमाला की दो महीने लंबी तीर्थयात्रा का सर्वाधिक प्रतीक्षित कार्यक्रम शुक्रवार को उस वक्त हुआ, जब क्षितिज पर तीन बार आकाशीय दीव्य रोशनी दिखी। इसे देखने के साथ ही लाखों श्रद्धालु ‘स्वामियाए अयप्पा’ का जोर-जोर से जाप करने लगे।
सबरीमाला, 15 जनवरी (आईएएनएस)। सबरीमाला की दो महीने लंबी तीर्थयात्रा का सर्वाधिक प्रतीक्षित कार्यक्रम शुक्रवार को उस वक्त हुआ, जब क्षितिज पर तीन बार आकाशीय दीव्य रोशनी दिखी। इसे देखने के साथ ही लाखों श्रद्धालु ‘स्वामियाए अयप्पा’ का जोर-जोर से जाप करने लगे।
इस मौके पर सबरीमाला में और पास की पहाड़ियों पर तिल रखने की जगह नहीं थी। हर तरफ श्रद्धालु नजर आ रहे थे। ये तमाम लोग शाम होने के पहले ही इस दैवीय अनुभव के गवाह बनने के लिए इकट्ठा होने लगे थे। कुछ मिनट के अंदर ही क्षितिज पर तीन बार रोशनी नजर आई।
पांच साल पहले इस मौके पर हुई भगदड़ में 102 श्रद्धालुओं की मंौत हुई थी। उसके बाद पुलिस ने यहां सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के अच्छे इंतजाम किए हैं।
स्थानीय भाषा में इस आयोजन को ‘मकारे विलेकु’ कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि रोशनी को देखना शुभ होता है और यही वजह है कि बीते कुछ सालों में इसे देखने के लिए यहां श्रद्धालुओं का मेला सा लग जा रहा है।
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