बगदाद, 19 जनवरी (आईएएनएस)। इराक में सुन्नी सांसदों और मंत्रियों ने मंगलवार को संसद और मंत्रिमंडल की बैठकों के बहिष्कार का फैसला किया। उन्होंने यह कदम दियाला प्रांत में सुन्नी अरब समुदाय के खिलाफ हिंसा के विरोध में उठाया है।
बगदाद, 19 जनवरी (आईएएनएस)। इराक में सुन्नी सांसदों और मंत्रियों ने मंगलवार को संसद और मंत्रिमंडल की बैठकों के बहिष्कार का फैसला किया। उन्होंने यह कदम दियाला प्रांत में सुन्नी अरब समुदाय के खिलाफ हिंसा के विरोध में उठाया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, संसद के अधिकारी और सुन्नी नेता ने बताया है कि मकदादियाह शहर में सुरक्षा की लगातार बदतर हो रही स्थिति और लड़ाकों द्वारा सुन्नी समुदाय के सदस्यों की हत्याओं के खिलाफ सुन्नी अरब सांसदों और सुन्नी मंत्रियों के गठजोड़ ने ‘मंगलवार के बैठकों के बहिष्कार’ का फैसला किया है।
अधिकारी ने कहा कि यह फैसला बगदाद के कड़ी सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में सुन्नी समुदाय से संबंध रखने वाले संसद अध्यक्ष सालिम अल-जुबोरी के घर पर सोमवार रात सुन्नी गठजोड़ की बैठक में लिया गया।
अधिकारी ने कहा कि सुन्नी सांसद संसद में जाएंगे। एक बयान पढ़ेंगे, जिसमें अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। और, इसके बाद सदन से बहिर्गमन कर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बहिष्कार केवल मंगलवार को किया जाएगा। इसे आगे जारी रखना है या नहीं, इस पर सुन्नी गठजोड़ बाद में फैसला करेगा।
मकदादियाह में जून 2015 में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने बड़े पैमाने पर विस्फोट किए थे। इसकी प्रतिक्रिया में शिया समुदाय के लड़ाकों ने सुन्नियों की कई मस्जिदों और दुकानों में बम विस्फोट किए थे और इन्हें आग के हवाले कर दिया था। बड़ी संख्या में सुन्नी नागरिकों को कत्ल भी किया गया था।
कुछ शिया राजनीतिज्ञों और धार्मिक नेताओं ने शहर में तनाव घटाने की कोशिश की थी, इसके बावजूद शहर में हिंसा जारी रही थी।
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