जुमा ने दिसंबर 2015 में एक कारोबारी सम्मेलन में कह दिया था कि अफ्रीका दुनिया का विशालतम महादेश है और दूसरे सभी महादेश इसमें समा सकते हैं।
उन्होंने कहा था, “यह महादेश दुनिया का सबसे बड़ा महादेश है और कोई नदी भी इसे नहीं बांट पाई है।”
राष्ट्रपति भवन ने सोमवार को भूल सुधारते हुए कहा कि वास्तव में अफ्रीका दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला महादेश है और सर्वाधिक जनसंख्या वाला महादेश एशिया है।
राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता बोगानी मजोला ने कहा, “राष्ट्रपति अपनी भूल स्वीकार करते हैं।”
संयुक्त राष्ट्र की 2015 की एक रपट के मुताबिक, 60 फीसदी वैश्विक आबादीद एशिया में रहती है। 16 फीसदी अफ्रीका में, 10 फीसदी यूरोप में, नौ फीसदी लातिन अमेरिका और कैरीबियाई देशों में तथा शेष पांच फीसदी उत्तर अमेरिका और ओसेनिया में रहती है।
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