उन्होंने कहा कि बड़े व छोटे किसानों की समस्या को बैंकांे को एक साथ पूरी कृषि श्रृंखला को एक इकाई में मानकर वित्त पोषण पर जोर देना होगा तभी देश के किसानों को दूरगामी परिणाम मिल सकते हैं। उन्होंने गन्ने का लाभकारी मूल्य 350 से 400 रुपये प्रति क्विटंल कराये जाने की मांग भी की है।
ओंकार सिंह ने कहा कि गन्ने का जो मूल्य गत वर्ष 2015 में था, वही बरकरार रखकर प्रदेश सरकार ने किसानों की अर्थिक तंगी को और बढ़ाकर उन्हें आत्महत्या जैसे कार्य के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन से लेकर बाजार में उपज बेचने तक की प्रक्रिया का लाभ तभी मिलेगा जब छोटे किसानों को भी अर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने की नीति बनाई जाए।
ऐसा कृषि मूल्यों में सुधार कर किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने से ही हो सकता है। रालोद नेता ने कहा कि कृषि उत्पादनकर्ता किसान इस काम में बैंकों और सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका से ही लाभ पा सकते हैं। कृषि उत्पादन बढ़ने से देश का अनाज भण्डारण करने से देश की सेना का भोजन व राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
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