तिब्बत की अलग-थलग सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण केंद्र के प्रमुख नगावांग डेनजिन ने कहा कि 2005 से अब तक ऐसी सांस्कृतिक विरासत का एक डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए इस स्वायत्त क्षेत्र से 1,00,000 से ज्यादा किस्से-कहानियां, 1,500 वीडियो व 40,000 फोटो एकत्रित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक के डाटाबेस में 114 तिब्बती गीतिनाट्यों, अलग-थलग पड़ी सांस्कृतिक विरासत के 89 कार्यक्रमों और राज्य स्तर के 68 उत्तराधिकारियों से संबंधित जानकारी शामिल है।
डेनजिन ने कहा, “ये महारथी लोग अलग-थलग पड़ी सांस्कृति विरासत का जीता-जागता शब्दकोष हैं। डिजिटलाइजेशन का काम तिब्बत के जातीय समूह की क्लासिक सांस्कृति धरोहर या विरासत का बेहतर तरीके से संरक्षण करेगा।”
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