नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की सम-विषम योजना की अवधि समाप्त होने के बाद राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने इस संदर्भ में आपात कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा है कि दिल्ली में एक से 15 जनवरी के बीच लागू सम-विषम योजना से अर्जित लाभ खत्म हो गया है और यदि इस दिशा में तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो प्रदूषण का स्तर और बिगड़ सकता है।
सीएसई ने एक बयान में कहा है, “सीएसई के नए विश्लेषण से पता चला है कि प्रदूषण वापस लौट आया है। सम-विषम योजना समाप्त होने के बाद तीन कामकाजी दिनों में वायु की गुणवत्ता तेजी से गिरी है। प्रथम कामकाजी दिन में पीएम2.5 का स्तर 57 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है।”
दिल्ली सरकार ने सड़कों पर यातायात की परेशानी से निजात दिलाने के लिए एक दिन सम संख्या वाले वाहन और दूसरे दिन विषम पंजीकरण संख्या वाले वाहन चलाने का फरमान जारी किया था।
सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा, “इससे वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आपात कदम उठाने की जरूरत सत्यापित होती है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के दिनों में वायु में घुले प्रदूषक तत्व धरती के कारीब आ जाते हैं और वायु के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।
सीएसई के मुताबिक, बिना किसी आपात कार्ययोजना के, राजधानी में देर से शुरू हुई सर्दी के कारण प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
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