रायपुर, 22 जनवरी (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायन शैली को परवान चढ़ाने के लिए पद्मभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने पोती होने की खुशी में शुक्रवार को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के साथ आयोजित लंच छोड़ दिया। उन्होंने ऐन वक्त पर दिल्ली जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
रायपुर, 22 जनवरी (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायन शैली को परवान चढ़ाने के लिए पद्मभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने पोती होने की खुशी में शुक्रवार को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के साथ आयोजित लंच छोड़ दिया। उन्होंने ऐन वक्त पर दिल्ली जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
छत्तीसगढ़ की स्पात नगरी भिलाई में रहने वाली तीजन बाई की बहन के बेटे को बेटी हुई है।
शुक्रवार की दोपहर राष्ट्रपति भवन में होने वाले लंच के लिए छत्तीसगढ़ की दो सम्मानित महिलाओं का चयन हुआ था। उनमें से एक तीजन बाई भी थीं। तीजन छत्तीसगढ़ी लोककला पंडवानी को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाली पहली महिला हैं। तीजन को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से देश की सौ सफल महिलाओं में चुना गया था। छत्तीसगढ़ की दूसरी सफल महिला कोरबा निवासी साधना शर्मा भी दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
तीजन ने वीएनएस को बताया कि उनकी बहन रंभा के बेटे को बेटी हुई है। रंभा पास के गनियारी गांव में रहती हैं।
तीजन ने कहा कि शाही भोज का आमंत्रण उनके साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व की बात है, लेकिन पोती होने की खुशी उससे अलग है। उन्होंने कहा, “नवजात की तबीयत अभी थोड़ी खराब है, इसलिए उसे भिलाई लाकर डॉक्टर को दिखाना भी है। इसी व्यस्तता के चलते आज ेराष्ट्रपति भवन पहुंचने का कार्यक्रम मैंने टाल दिया।”
dharmpath.com dharmpath