अभी टॉफी चूसें राहुल गांधी : आजम खां

रामपुर, 24 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने यहां रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए उन्हें ‘बच्चा’ करार दिया। आजम ने कहा कि देश राहुल गांधी को ‘सीरियसली’ नहीं लेता है। उन्हें बच्चों वाली टॉफी चूसनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता ने रामपुर में मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान दलित छात्र रोहित वेमुला की मौत पर भावुक होने पर आजम ने कहा कि बहुत अच्छी बात है, लेकिन मोदी को ऐसे सभी मौकों पर भावुक हो जाना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा, “मोदी को गुजरात मामले पर भी भावुक हो जाना चाहिए था। मुजफ्फरनगर दंगों पर भी भावुक होना चाहिए था। दादरी कांड पर भी भावुक होना चाहिए। भावुकता का मापदंड एक होना चाहिए, इसमें अंतर नहीं होना चाहिए।”

आजम खां से जब राहुल गांधी के बुंदेलखंड दौरे को लेकर सवाल किया गया तो उनका कहना था, “पता नहीं क्यों, लेकिन राहुल को देश सीरियसली नहीं लेता है। वह बहुत उछल-कूद कर रहे हैं। इससे काफी थक भी जाते होंगे। वह अपने साथ लेमन ड्रॉप और टॉफियां ले जाया करें। वे टॉफी खुद भी चूसा करें और बच्चों को भी चुसाया करें।”

हैदराबाद में दलित शोधछात्र रोहित वेमुला की मौत के मामले में आजम ने कहा कि जिस तरह से मौत हुई है, इससे पूरा देश चिंतित है। संदेश ये जा रहा है कि ये आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।

उन्होंने कहा, “किसी को मरने के लिए उकसाना और ऐसे हालात से गुजारना कि मरने के लिए मजबूर हो जाए तो जिन लोगों ने ये हालात पैदा किए हैं, वे भी गुनहगार हैं।”

इसी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने हालांकि 19 जनवरी को मुरादाबाद में कहा था कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र द्वारा की गई आत्महत्या राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है। कई राजनीतिक दल बेवजह इसको हवा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था, “यूपी में भी ऐसी आत्महत्याएं होती रहती हैं। हर राज्य में होती हैं।”

उधर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय को बर्खास्त करने की मांग की है। इन पार्टियों का कहना है कि दत्तात्रेय ने स्मृति ईरानी को चिट्टी लिखी और स्मृति ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति पी. अप्पा राव को पत्र लिखकर पांच शोधछात्रों को निलंबित करने का निर्देश दिया था। इन छात्रों को पहले निलंबित, फिर निष्कासित किया गया। इसके बाद रोहित बेमुला ने आत्महत्या कर ली। रोहित व उनके साथियों का कसूर यह था कि वे भाजपा समर्थित एबीवीपी के खिलाफ दलितों और मुस्लिमों को एकजुट करने में लगे थे।

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