पाकिस्तान ने अजहर से संयुक्त पूछताछ का भारत का प्रस्ताव खारिज किया

इस्लामाबाद, 25 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने भारतीय राज्य पंजाब के पठानकोट में दो जनवरी को भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के संबंध में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर और अन्य संदिग्धों से संयुक्त पूछताछ के भारत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

पाकिस्तान के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।

‘द नेशन’ की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, दो जनवरी को पठानकोट वायुसेना अड्डे पर आतंकवादी हमले के सिलसिले में पाकिस्तान ने अजहर को हिरासत में लिया है। कई अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया है। जैश के कई मदरसों को बंद भी किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अजहर से पूछताछ हुई है।

उन्होंने बताया कि अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रहमान रऊफ को भी हिरासत में लिया गया है।

मसूद अजहर को 1999 में अगवा इंडियन एयरलाइंस के विमान के 155 यात्रियों को छुड़ाने के बदले में भारत की जेल से रिहा किया गया था।

पठानकोट हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिवों की वार्ता जनवरी तक टालने पर सहमति बनी थी।

इस मामले में विस्तृत जांच के लिए पािकस्तान, भारत सरकार के साथ बातचीत के बाद एक विशेष जांच टीम पठानकोट भेजने वाला है।

पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत मसूद अजहर और उसके भाई से पूछताछ के लिए अपने जांचकर्ताओं का एक दल भेजना चाह रहा था, लेकिन पाकिस्तान ने ‘विनम्रता के साथ इसे नामंजूर कर दिया।’

अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत से कहा है कि वह पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रहा है। अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी।

अधिकारी ने कहा, “भारत चाहता है कि मसूद अजहर और हाफिज सईद को उसे सौंप दिया जाए लेकिन पाकिस्तान एक से अधिक बार इससे मना कर चुका है। अब भारत ने कहा कि कम से कम उसे इनसे पूछताछ करने की इजाजत दी जाए। हमने उन्हें बता दिया है कि यह मुमकिन नहीं है।”

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पठानकोट हमले के सिलसिले में गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है। अधिकारी भारत के संपर्क में हैं और ताजा जानकारियां उसे दे रहे हैं। पाकिस्तान पठानकोट हमले के मामले में पहले ही शुरुआती रिपोर्ट भारत को सौंप चुका है।

रपट के मुताबिक हमलावरों ने जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया, वे पाकिस्तान में पंजीकृत नहीं थे।

अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान, भारत द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर यह पता लगा रहा है कि क्या इस हमले में उसकी जमीन का इस्तेमाल किया गया।

विश्लेषक एवं अवकाश प्राप्त ब्रिगेडियर आगा हुसैन अहमद ने कहा कि पठानकोट हमले में शामिल आतंकवादियों का मुख्य मकसद पाकिस्तान और भारत के बीच की शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारना है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की जांच पाकिस्तान में ही होनी चाहिए।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493