नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार ने सोमवार को नागरिक उड्डयन से संबद्ध सभी हितधारकों से क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति की कमी की भरपाई के लिए तत्काल कदम उठाए जाने का अह्वान किया।
नागरिक उड्डयन मंत्री पी. अशोक गजपति राजू ने नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए एक कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद ये बातें कहीं।
गजपति राजू के अनुसार, इस क्षेत्र में अभी मौजूद कौशल और जरूरी कौशल के बीच भारी अंतर है।
गजपति राजू ने नागरिक उड्डयन से संबद्ध अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का हवाला देते हुए सभी हितधारकों से कौशल विकास के लिए काम करने की अपील की।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तत्वावधान में आईसीआरए प्रबंधन सलाहकार सेवाएं (आईएमएसीएस) द्वारा ‘स्किल गैप एनालिसिस’ और ‘रोडमैप फॉर स्किल डेवलपमेंट इन द सिविल एविएशन सेक्टर’ कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
इसके अलावा आईएमएसीएस ने इस क्षेत्र में कौशल विकास के लिए भविष्य की एक रूपरेखा भी तैयार की है।
मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है, “आईएमएसीएस द्वारा तैयार मसविदा में संस्थाओं को मजबूती प्रदान करते हुए, बुनियादी ढांचे का विकास कर, प्रशिक्षण की प्रक्रिया का आधुनिकीकरण कर तथा निगरानी एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को मजबूत कर कौशल विकास के लिए एक सुदृढ़ प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने की सिफारिश की गई है।”
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