अहमदनगर, 25 जनवरी (आईएएनएस)। महिलाओं के एक समूह ने धमकी दी है कि यहां मशहूर शनि शिंग्नापुर मंदिर में अगर उन्हें सीधे पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई तो जरूरत पड़ने पर वे आकाश मार्ग से हेलिकॉप्टर की मदद से वहां पहुंचेंगी और पूजा-अर्चना करेंगी।
महिला समूह की धमकी को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं, जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।
‘भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड’ (बीआरबी) की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने सोमवार को आईएएनएस को बताया, “हमने एक हेलिकॉप्टर का इंतजाम कर लिया है और अगर हमें सीधे मार्ग से प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी तो हम हेलीकॉप्टर से सीढ़ी के जरिए मंदिर में उतरेंगे। हम किसी प्रकार की सुरक्षा से नहीं डरते, क्योंकि यह महिला अधिकारों का सवाल है।”
उन्होंने कहा कि पूरे महाराष्ट्र से लगभग 1,500 महिलाएं मंगलवार सुबह मंदिर में हेलीकॉप्टर से उतरेंगी और शनिदेव के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी।
देसाई ने कहा कि महिलाओं को भी मंदिर के भीतर प्रवेश का अधिकार मिलना चाहिए, क्योंकि देश का संविधान पुरुषों और महिलाओं को बराबर अधिकार देता है।
देसाई ने कहा, “मंगलवार का प्रयास सफल होने के बाद हम देश में अन्य स्थानों पर भी यही करेंगे, जहां भी महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।”
इसी बीच पुलिस और मंदिर प्रशासन ने बीआरबी कार्यकर्ताओं से निपटने के लिए तीन स्तरीय बैरीकेड्स लगाए हैं और मंदिर की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों और ग्रामीण स्वयंसेवकों को तैनात किया है।
मंदिर के एक ट्रस्टी प्रफुल्ल एन. सुरपुरिया ने कहा कि मंदिर के पुजारियों के अतिरिक्त किसी को भी नौ सीढ़ियां चढ़कर शनिदेव की वास्तविक प्रतिमा तक पहुंचने का अधिकार नहीं है। सभी को नीचे से ही पूजा करने की इजाजत है।
dharmpath.com dharmpath