न्यूयॉर्क, 28 जनवरी (आईएएनएस)। मानसिक रूप से कमजोर (न्यूरोटिसिज्म) लोगों में तनाव व अवसाद होने का खतरा सर्वाधिक होता है। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है।
न्यूरोटिसिज्म एक मानसिक अवस्था है, जिसकी पहचान लोगों में पनप रहे तनाव, डर, चिंता, कुंठा, ईष्र्या व अकेलापन के रूप में होती है।
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में विनबर्ग कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में मनोविज्ञान के प्रोफेसर रिचर्ड जिनबर्ग ने कहा, “न्यूरोटिसिज्म लोगों में तनाव व अवसाद जैसी बीमारी पैदा होने का एक मजबूत संकेत है।”
पहले के शोधों में यह बात सामने आई थी कि न्यूरोटिसिज्म मादक पदार्थो के सेवन, मनोदशा व तनाव से संबंधित है, लेकिन यह पता नहीं था कि इसका संबंध इसके साथ कितनी गहराई तक है।
लेकिन, नॉर्थ वेस्टर्न तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया-लॉस एंजेलिस के अध्ययन में यह पहली बार पाया गया कि न्यूरोटिसिज्म का संबंध मनोदशा व तनाव से बेहद गहरा है।
शोध के निष्कर्ष का इस्तेमाल अवसाद व तनाव को रोकने में किया जाएगा।
यह शोध पत्रिका ‘क्लीनिकल साइकोलॉजिकल साइंस’ में प्रकाशित होनेवाला है।
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