शियाओ लीना अपनी 16 वर्षीय बेटी याओयाओ के लिए रोज नए प्रकार का नाश्ता बनाती है और केवल इतना ही नहीं, इसे वह नए-नए तरीके से सजा कर बेटी के लिए परोसती है।
नौ बजे से पांच बजे तक की नौकरी में भी शियाओ को अपनी बेटी के लिए नाना प्रकार के व्यंजन बनाने का समय मिल जाता है। शियाओ अगले तीन साल तक ऐसा करना चाहती है, जब तक कि उसकी बेटी विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं ले लेती।
शियाओ ने कहा, “शुरुआत में मुझे नहीं पता था कि मैं कब तक नए-नए व्यंजन बना पाऊंगी, लेकिन बाद में यह एक आदत हो गई।”
शियाओ का कहना है कि रोज एक ही प्रकार के व्यंजन खाना बच्चों को पसंद नहीं होता और इस तरह नाना प्रकार के व्यंजन उन्हें खुश रखते हैं और उनके दिन की शुरुआत भी काफी अच्छी होती है।
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