भोपाल, 4 फरवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में 30 फीसदी सरकारी खरीद अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों से की जाने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय खरीदी में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उद्यमियों से 30 फीसदी खरीदी का सभी विभाग कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि इन वर्गो के बैकलॉग पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षाओं आदि की व्यवस्था की जाए। विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं की भर्ती के लिए जिला मुख्यालयों पर शिविर लगाए जाएं। नि:शक्तजनों के लिए आरक्षित पदों पर सभी तरह के नि:शक्तजनों की भर्ती सुनिश्चित की जाए।
शिवराज ने कहा कि अनियमितताओं को रोकने के लिए विभागों में आंतरिक सतर्कता की व्यवस्था की जाए। साथ ही फाइलों में निर्णय लेने में अनावश्यक देरी को रोकने के लिए फाइल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू की जाए। इससे पता चल सकेगा कि फाइल किसके पास है, जिससे अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि विभागों के कार्यो को परखने के लिए बाह्य मूल्यांकन की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी काम-काज को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार आयोग गठित किया जाएगा और चिह्न्ति सेवाओं की होम डिलीवरी व्यवस्था की जाएगी।
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