नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। भारत की मेजबानी में हुए राष्ट्रमंडल खेलों-2010 की क्वींस बैटन रिले समारोह से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में टी. एस. दरबारी सहित आयोजन समिति के अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत 23 फरवरी को आरोप तय करेगी। क्वींस बैटन रिले समारोह का आयोजन लंदन में हुआ था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने कहा कि दरबारी और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया धोखेबाजी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिले हैं। अब अदालत आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करेगी।
सीडब्ल्यूजी की आयोजन समिति के संयुक्त महानिदेशक दरबारी, उप महानिदेशक संजय महेंद्रू, कोषाध्यक्ष एम. जयचंद्रन एवं लंदन में रहने वाले कारोबारी आशीष पटेल और उनकी दो निजी कंपनियों (एएम कार एंड वान हायर तथा एएम फिल्म्स) के खिलाफ सीबीआई पहले ही आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है।
आरोप-पत्र में सीबीआई ने क हा है, “आशीष पटेल को आवंटित कार्यो को जायज ठहराने के लिए आरोपी अधिकारियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।”
जांच एजेंसी का कहना है कि पटेल को लाभ पहुंचाने के लिए आधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया।
आरोप-पत्र में कहा गया है, “अधिकारियों ने लंदन की कंपनी के साथ हुए सौदे को सही ठहराने के लिए फर्जी कागजात और ई-मेल तैयार किए।”
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