कोलकाता, 6 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक व्यक्ति को स्थानीय नेता के बारे में फेसबुक पर कमेंट करने के कारण जेल भेज दिया गया। उसका यह कमेंट काफी वायरल हो गया था और कई लोग उसे लाइक और शेयर कर रहे थे।
जिले के माल निवासी रोहित पाशी ने किसी नेता का नाम लिए बिना अपने फेसबुक पेज पर लिखा था कि हत्या का आरोपी नेता जमानत पाने के लिए अदालत में पसीने-पसीने देखा गया।
इस पोस्ट से आहत होकर निगम पार्षद पुलिन गोलदार ने पुलिस में पाशी के खिलाफ शिकायत की और कहा कि उसका यह पोस्ट अपमानसूचक और हिंसा भड़काने वाला है।
गोलदार ने कहा, पाशी ने मेरा नाम नहीं लिया था। लेकिन एक नेता जिसने जमानत पर हस्ताक्षर किया और बांसुरी बजाता है के बारे में लिखा। माल में और कौन दूसरा नेता है, जिसने शुक्रवार को जमानत पर हस्ताक्षर किया। जो बांसुरी बजाता है। जाहिर है ये मेरे बारे में था।
उन्होंने कहा कि मैं अदालत में इस पुराने मामले में जमानत लेने के लिए गया था, जो रास्ता रोकने से संबंधित है। लेकिन इस पोस्ट में मुझे हत्यारोपी बताया गया है।
पाशी को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया और निजी मुचलके पर दिन में छोड़ दिया गया। पुलिस ने दावा किया कि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था।
जलपाईगुड़ी के पुलिस अधीक्षक आकाश मघारिया ने बताया कि हमने उसे गिरफ्तार नहीं किया। बल्कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत सार्वजनिक शांति भंग करने को लेकर बांड पर हस्ताक्षर करवाया।
वहीं, पाशी ने कहा कि पुलिस उसे किसी अपराधी की तरह घर से खींच कर ले गई और घंटे भर से ज्यादा सलाखों के पीछे रखा। उन्होंने कहा कि वे नेताओं की पोल खोलते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। उनपर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया जो आधारहीन है। मुझे फंसाया गया है।
इस घटना ने 2012 में जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा की गिरफ्तारी के मामले की याद दिला दी है। उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक मजाक उड़ाता हुआ कार्टून शेयर करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था।
महापात्रा ने इस घटना के बारे में बताया कि राज्य सरकार के तानाशाही रवैये का यह एक और उदाहरण है।
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