नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने, भेदभावपूर्ण डाटा शुल्क पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के फैसले की सराहना करते हुए मंगलवार को कहा कि इंटरनेट मानव मस्तिष्क की एक सर्वोत्कृष्ट रचना है और इस पर चंद लोगों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए।
ट्राई ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा कि किसी भी सेवा प्रदाता कंपनी को विषय सामग्री के आधार पर डाटा सेवा के लिए अलग-अलग शुल्क लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम ट्राई के इस फैसले की पूरी सराहना करते हैं, जिसमें डाटा सेवा के लिए भेदभावपूर्ण शुल्क को खारिज किया गया है। शुरू से हमारी सरकार की राय स्पष्ट थी, जिसे मैंने संसद में भी जाहिर किया था कि इंटरनेट मानव मस्तिष्क की एक सर्वोत्कृष्ट रचना है और इस पर कुछ लोगों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए।”
मंत्री ने कहा, “चाहे फ्री बेसिक्स हो या कोई और तरीका डाटा का भेदभावपूर्ण तरीके से शुल्क लगाना स्वीकार्य नहीं है। इंटरनेट बिना किसी भेदभाव के सबके लिए उपलब्ध रहना चाहिए।”
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