गेरोवासिलिस ने एथेंस में एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के साथ मंगलवार को टेलीफोन पर बात की थी। वह सोमवार को उनकी तुर्की यात्रा के परिणामों के बारे में जानकारी लेने के लिए उनसे बात कर रहे थे।
उनके मुताबिक सिप्रास ने इस बात पर जोर दिया कि नाटो के किसी भी रूप में संभावित संलिप्तता का संबंध तुर्की जल क्षेत्र से ही रहना चाहिए और इसके कारण किसी भी प्रकार से ग्रीस की संप्रभुता प्रभावित नहीं होना चाहिए।
एजियन सागर में नाटो की गश्ती का विचार तुर्की के प्रधानमंत्री अहमद दावुतोग्लु और मार्केल की सोमवार को हुई संयुक्त घोषणा में रखा गया।
उल्लेखनीय है कि ग्रीस और तुर्की पर यूरोपीय देशों द्वारा यूरोप आने वाले शरणार्थियों की भीड़ को कम करने और प्रवासियों को अधिक सहायता प्रदान करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
इस मुद्दे पर अगले सप्ताह होने वाले यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन से पहले ग्रीस को यूरोपीय संघ के अन्य सदस्यों द्वारा साफतौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर ग्रीस समय रहते सभी दायित्वों को पूरा नहीं करेगा, तो उसे शेंगेन पासपोर्ट मुक्त यात्रा क्षेत्र से अस्थायी रूप से निष्कासित भी किया जा सकता है।
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