ढाका, 10 फरवरी (आईएएनएस)। एक स्कूली छात्रा की निर्ममता से पिटाई के कारण हुई मौत के बाद बांग्लादेश के एक प्रमुख समाचार पत्र ने बुधवार को शारीरिक दंड पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
‘केन्ड फॉर नॉट वियरिंग यूनिफॉर्म’ शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय में ‘डेली स्टार’ ने लिखा है कि पाबना के एक सरकारी स्कूल में स्कूली छात्रा की पिटाई शर्मनाक और भयावह है।
स्कूली छात्रा रोजोनी को स्कूल यूनिफॉर्म न पहनने पर तब तक मारा गया, जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गई।
उसके पिता श्रमिक हैं और वह यूनिफार्म खरीदने में सक्षम नहीं थे।
संपादकीय के मुताबिक, “ऐसी जगह पर इस प्रकार की बर्बरता की इजाजत कैसे दी जा सकती हैं, जहां बच्चों को शिक्षा दी जाती है। एक शिक्षक इतना हिंसात्मक कैसे हो सकता है, खासतौर पर जब उच्च न्यायालय और सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि सभी स्कूलों में शारीरिक दंड निषेध है।”
संपादकीय में यह बात भी उठाई गई है कि शिक्षकों और स्कूल प्रशासन की नजर में सरकार के दिशा-निर्देशों के प्रति कोई सम्मान नहीं है और वे निर्भीकता से बच्चे के शारीरिक क्षति से बचाव के मूल अधिकार का उल्लंघन करते हैं।
संपादकीय में साथ ही सवाल उठाया गया है कि सरकारी स्कूल के गरीब बच्चे जो स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें यह मुहैया क्यों नहीं कराया जाता।
संपादकीय में कहा गया है कि छात्रा की पिटाई करने वाले शिक्षक ने केवल देश के कानून का ही उल्लंघन नहीं किया, बल्कि अपने पेशे का भी अपमान किया है।
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