बीजिंग, 11 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका और उसके दो एशियाई सहयोगियों-जापान और दक्षिण कोरिया ने बुधवार को उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रतिबंध और कड़ा किया। उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के बावजूद सेटेलाइट लांच करने को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है।
अमेरिकी संसद ने बुधवार को उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने के विधेयक को मंजूरी दी है। पिछले दो महीनों में उत्तर कोरिया ने अंतरिक्ष में एक सेटेलाइट लांच किया और अपना चौथा परमाणु परीक्षण किया।
डेमोक्रेट सांसद राबर्ट मेनेनडेज ने कहा कि इस विधेयक से उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने का रास्ता साफ हो गया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार हासिल हो गया है कि वे किसी को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के मदद करने के आरोप में उसकी संपत्तियों को जब्त कर सकते हैं, उसका वीजा रोक सकते हैं और उसे सरकारी निविदा देने से इन्कार किया जा सकता है।
वहीं, बुधवार को दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ मिलकर चलाए जा रहे फैक्ट्ररी पार्क को बंद करने का फैसला किया। इस फैसले से दोनों देशों के बीच अंतर कोरियाई सहयोग की अंतिम निशानी भी खत्म हो जाएगी। इससे उत्तर कोरिया को जरूरी विदेशी मुद्रा की आय होती है। इस विदेशी मुद्रा की मदद से ही वह अपना परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम चलाता है।
वहीं, हांगकांग ने भी उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर चिता जताया है और कहा कि इससे क्षेत्र में परमाणु होड़ बढ़ेगी। जबकि जापान सरकार ने बुधवार को कहा कि उसने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने और पुराने प्रतिबंधों में 2014 में दी गई छूट को वापस लेने का फैसला किया है।
नए प्रतिबंधों के तहत जापान में रहनेवाले विदेशी परमाणु या मिसाइल इंजीनियर को उत्तर कोरिया होकर आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा दूसरे देशों के जहाज अगर उत्तर कोरिया के बंदरगाह होते हुए जापान आते हैं तो उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा उत्तर कोरिया के दिए जानेवाले एक लाख येन (898 अमेरिकी डॉलर) को रोक दिया गया है, हालांकि मानवीय सहायता के लिए इसमें छूट दी जा सकती है।
dharmpath.com dharmpath