काठमांडू, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पांच महीने की नाकेबंदी और ईंधन संकट से गुजरने के बाद अब नेपाल में हालात सामान्य हो रहे हैं। शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों का नागरिकों के बीच नियमित वितरण शुरू किया।
काठमांडू, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पांच महीने की नाकेबंदी और ईंधन संकट से गुजरने के बाद अब नेपाल में हालात सामान्य हो रहे हैं। शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों का नागरिकों के बीच नियमित वितरण शुरू किया।
वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री गणेशमन पुन की अध्यक्षता में गुरुवार को यहां हुई बैठक में ईंधन वितरण के लिए कोटा प्रणाली को खत्म करने का फैसला लिया गया। देश के नए संविधान के खिलाफ मधेसी समुदाय द्वारा भारत-नेपाल सीमा की नाकेबंदी की वजह से नेपाल में ईंधन, खाने-पीने के सामान और दवाओं की बेहद किल्लत हो गई थी। इसी वजह से ईंधन पर कोटा लगाना पड़ा था।
रपट के अनुसार नाकेबंदी खत्म होने के बाद हालात सामान्य हो रहे हैं। इंडियन आयल कारपोरेशन द्वारा अब नेपाल को नियमित ईंधन की आपूर्ति हो रही है।
सरकारी कंपनी नेपाल आयल कारपोरेशन (एनओसी) के मुताबिक काठमांडू घाटी में ईंधन के 114 केंद्रों पर नियमित रूप से लोगों को ईंधन दिया जाएगा।
लेकिन, फिलहाल एनओसी ने एक बार में दोपहिया वाहनों के लिए पांच लीटर पेट्रोल और चार पहिया वाहनों के लिए 15 लीटर पेट्रोल ही देने का फैसला किया है।
स्थिति में यह बदलाव नाकेबंदी हटने के बाद बीते शुक्रवार रक्सौल-बीरगंज मार्ग खुलने की वजह से आया है।
एनओसी का कहना है कि नेपाल में पेट्रोल और डीजल की रोजाना खपत क्रमश: 11 लाख लीटर और 26 लाख लीटर है।
इंडियन आयल कारपोरेशन ने रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति भी बढ़ा दी है। लेकिन, नेपाल सरकार ने आम लोगों के बीच रसोई गैस सिलेंडर बांटने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया है।
नेपाल में हर महीने लगभग 30000 टन एलपीजी की जरूरत पड़ती है।
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