नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। साहित्य अकादेमी साहित्य की ओर से अकादेमी पुरस्कार अर्पण समारोह का आयोजन फिक्की स्वर्ण जयंती सभागार में 16 फरवरी को शाम 5.30 बजे किया जाएगा।
साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी 22 भारतीय भाषाओं के उत्कृष्ट रचनाकारों को पुरस्कार अर्पित करेंगे तथा प्रख्यात उर्दू विद्वान एवं साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य डॉ. गोपीचंद नारंग पुरस्कार अर्पण समारोह के मुख्य अतिथि रहेंगे।
पुरस्कार अर्पण के बाद 17 फरवरी को सुबह 10 बजे से ‘लेखक सम्मिलन’ आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का संवत्सर व्याख्यान प्रख्यात न्यायविद् एवं विशिष्ट गांधी विचारक डॉ. चंद्रशेखर धर्माधिकारी उसी दिन शाम के समय देंगे।
अकादेमी की विज्ञप्ति के अनुसार, 18 से 20 फरवरी के दौरान ‘गांधी, अंबेडकर, नेहरू : निरंतरता और अलगाव’ विषय पर त्रिदिवसीय संगोष्ठी अकादेमी सभागार में आयोजित की जाएगी। इसका उद्घाटन विख्यात विदुषी डॉ. कपिला वात्स्यायन द्वारा किया जाएगा, जबकि प्रख्यात विद्वान एवं शिक्षाविद् प्रो. कृष्ण कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।
19 फरवरी को भारत की अलिखित भाषाओं पर एकदिवसीय परिसंवाद तथा 20 फरवरी को ‘अनुवाद चेतना और भारतीय साहित्यिक परंपराएं’ विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
पूरे भारत से मनोज दास, कपिला वात्स्यायन, एस.एल. भैरप्पा, भालचंद्र नेमाड़े, गोपीचंद नारंग, के. सच्चिदानंदन, चंद्रशेखर धर्माधिकारी, इंद्रनाथ चौधुरी, कृष्ण कुमार, विवेक शानबाग, महेंद्र कुमार मिश्र तथा देवी प्रसन्न पट्टनायक जैसे 170 से अधिक विशिष्ट विद्वान/लेखक इस छह दिवसीय साहित्योत्सव में सम्मिलित हांेगे।
साहित्य अकादेमी 15 से 20 फरवरी के बीच रवींद्र भवन परिसर में अपना वार्षिक साहित्योत्सव आयोजित कर रही है। ये सभी कार्यक्रम इसी उत्सव के तहत आयोजित किए जाएंगे।
इस वर्ष का उत्सव आदिवासी, वाचिक एवं उत्तर-पूर्वी साहित्य पर केंद्रित है। भारत के उत्तर-पूर्वी भागों में आदिवासी एवं वाचिक साहित्य के लिए साहित्य अकादेमी के केंद्र पहले से ही मौजूद हैं।
अकादेमी ने हाल ही में भारत भर में आदिवासी एवं वाचिक परंपराओं को संरक्षित तथा प्रोत्साहित करने के प्रयास के तहत दिल्ली में एक और केंद्र शुरू किया है। इसी दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हुए इस बार के उत्सव में ‘आदिवासी भाषा काव्योत्सव’ को शामिल किया गया है। भारत की अलिखित भाषाओं पर एकदिवसीय परिसंवाद भी आयोजित किया जा रहा है।
उत्सव का आरंभ विख्यात ओड़िया लेखक एवं अकादेमी के महत्तर सदस्य डॉ. मनोज दास द्वारा 15 फरवरी 2016 को पूर्वाह्न् 10 बजे अकादेमी प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ होगा। इसके बाद अपराह्न् 2 बजे आदिवासी भाषा काव्योत्सव आयोजित किया जाएगा।
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