सियोल, 17 फरवरी (आईएएनएस)। चीन और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों के बीच मंगलवार को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सामरिक बातचीत हुई।
चीन के उपविदेश मंत्री झांग एसुई और दक्षिण कोरिया के उप विदेश मंत्री लिम सूंग ने दोनों देशों के बीच 7वीं उच्चस्तरीय सामरिक वार्ता की अध्यक्षता की।
झांग ने कहा कि वह चीन के दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। इसलिए वह दोनों देशों के बीच सहयोगपूर्ण संबंधों के हिमायती हैं।
चीन के विदेशमंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणुरहित होना दोनों देशों के हित में है और इससे इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व कायम होगी।
उन्होंने कहा चीन ने उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण और सैटेलाइट लांच का विरोध करते हुए, संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद द्वारा नए प्रतिबंध लगवाने की पहल की है। हालांकि उन्होंने प्रतिबंध द्वारा समस्या का स्थायी हल नहीं होने की बात कहकर बातचीत से समस्या का हल निकालने की बात कही।
उत्तर कोरिया ने छह जनवरी को अपना पांचवां परमाणु परीक्षण किया था और सात जनवरी को एक सटेलाइट ढोनेवाले रॉकेट को लांच किया था, जिसके बारे में दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह सैटेलाइट नहीं, बल्कि लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण था।
इसके बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया इस इलाके में थाड प्रणाली (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) लगाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी थाड प्रणाली बेहद सक्षम एंटीमिसाइल प्रणाली है, जो किसी भी मिसाइल को हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। वहीं, चीन इस इलाके में अमेरिकी मिसाइल भेदी प्रणाली की मौजूदगी का विरोध करता है।
झांग ने इस वार्ता में चीन के इस विरोध के प्रति दक्षिण कोरिया से बातचीत की। वहीं, दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह चीन के साथ अपनी साझेदारी और संबंधों को लेकर बहुत ही गंभीर है और आगे भी द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।
दक्षिण कोरिया ने कहा कि थाड को कहां लगाया जाए या लगाया जाए कि नहीं, इस बात को लेकर इसके साथ फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत जारी है।
दक्षिण कोरिया का कहना है कि वह चीन के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।
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